Thursday, January 23, 2014

तोड़ो कारा तोड़ो

बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है...
ये निरंतर चलती रहती है जहाँ बदलाव रुकते है वही जड़ता व्यापती है।
जडता को तोड़ना बडा खतरनाक भी हो सकता है और रोमांचकारी भी...
बडा प्रश्न है कि बदलाव पर हमारी पकड़ है या नहीं यदि है तो कितनी... जड़ता को तोड़ने का काम शुरु है शोर तो होगा...
देखें कितने लौग इंडिया का ऐशपाश तोड़ भारत के साथ खड़े होते हैं...

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