Saturday, January 25, 2014

आइये एक दिन और मनाया जाये

कोई पागल कह रहा है, कोई राक्षस कह रहा है, तो कोई राखी सावँत से तुलना करने की बद्दिमागी दिखा रहा है...
आखिर क्या ऐसा कर दिया अरविँद केजरीवाल ने कि चौबीस घँटे बजने वाले भोपू इतना कुपित हो गये?
हाँ उसने ऐश गाहो पर पत्थर फेकने की गलती कर दी है...
देखे कबतक टिकता है गण के सामने तँत्र को घुटने टिकवाने की जुर्रत करने वाला?
बधाई मँगलकामनाये गणतँत्र दिवस की...

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