शरद पँवार की पार्टी ने जो रुख बनाया है ये एक शर्मनाक चेहरा है उस घटिया लोकतँत्र का जिसके सहारे ऍश कैश के लुटेरे सौदागर कैसे भी पावर अपने बाडे मे बँद रखना चाहते हैँ . ऐन सी पी का एक नेता मोदी की प्रसँशा कर आहट की अगवानी करता है तो दूसरा लालबत्ती बँगला सुरक्षित बनाये रखने की कला बाजी दिखा रहा है खुद पँवाँर अपने को जय पराजय के खतरो से बचा कर प्यादो की भोगी भविष्य की नीव पक्की करने मे जुट गये है , कबतक मखोल होगा भारत ते साथ ?
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