Tuesday, January 21, 2014

दिल्ली के दर्द को न्याय चाहिये...

दिल्ली के लेफ्टीनेंट जनरल ये फैसला दो दिन पहले भी ले सकते थे।
क्या ये जरुरी था कि अड्डो की कमाई से ऐश करने वाले अफसरो को बचाने के लिये दिल्ली की आबादी कोअराजकता मे ढकेला जाता? आखिर वे कौन से कारण है जिनके कारण वेश्यालय के सँरक्षको को सँरक्षण दिया जा रहा है?
दिल्ली को अराजकता की आग मे झोकन की पूरी घटना की जाँच न्यायिक होनी चाहिये...

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